(दीपक कुमार त्यागी) बच्चा चोर गिरोह की अफवाह पर बेलगाम होता भीड़तंत्र ( लेख )

Posted at : 2019-08-29 10:44:34

समाज व सोशल मीडिया के चंद गैर जिम्मेदाराना बयान वीरों के चलते देश में बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की अफवाह से आयेदिन बेगुनाह लोगों की जान सांसत में है। कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेकर शान समझने वाली उन्मादी भीड़तंत्र में शामिल भीड़ देश में जगह-जगह लोगों को आयेदिन बच्चा चोर बताकर पीट रही है जो कि बहुत ही सोचनीय व चिंताजनक स्थिति है। आज देश के कई राज्यों में बने इस तरह के चिंताजनक हालात से जगह-जगह कानून के पहरेदार पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। अफवाहों के चलते कुछ जगह तो हालात ऐसे होते जा रहे है कि कानून व्यवस्था के लिए आयेदिन मुश्किल खड़ी हो रही है। हालांकि पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने बच्चा चोरी की अफवाह फैलाने वाले व बेगुनाह को पीटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। लेकिन फिर भी देश के चंद लोगों के गैरजिम्मेदाराना रवैये के चलते अभी भी इस तरह की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पायी है। जिस तरह से कुछ माह में ही उत्तर प्रदेश, बिहार व मध्यप्रदेश आदि राज्यों में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते हुई घटनाओं ने राज्य सरकार, पुलिस मुख्यालय से लेकर थाना पुलिस के सभी अधिकारियों तक की नींद उड़ा कर रख दी है। इस बेहद ज्वंलत मसले पर पुलिस के आला अधिकारी भी मानते हैं कि इस तरह की अफवाह वाले मामलों में बच्चा चोरी की घटना हकीकत में तो होती नहीं है, लेकिन अफवाहों के चलते फिर भी इस मसले को लेकर आयेदिन हिंसा होती है। जो कि स्वस्थ्य व कानून पंसद समाज के हित में ठीक नहीं हैं। इस मसले पर अगर हम ध्यान दे तो यह आमजनमानस से जुड़ा बेहद भावनात्मक मामला है और इसलिए ही अफवाह फैलाने वाले तंत्र ने देश में माहौल खराब करने के उद्देश्य से ही इस मामले पर आयेदिन बहुत ही तेजी के साथ अफवाह फैलाने का काम किया हैं। सबसे बड़ी सोचने वाली बात यह है कि हम सोशलमीडिया के बयान वीर भी बिना कुछ सोचे समझे इस प्रकार के झूठे संदेशों को सोशलमीडिया के माध्यमों वाट्सएप आदि पर आगे फॉरवर्ड व फैसबुक, ट्विटर आदि पर शेयर करके उन अपराधियों का सहयोग कर रहे हैं। एक तरफ देश में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते आयेदिन भीड़ उन्मादी होकर लोगों की जान लेने पर उतारू हो रही है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस-प्रशासन ने अफवाह फैलाने वाले व कानून तोड़ने वालों को लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करनी शुरू कर दी हैं। साथ ही अब पुलिस-प्रशासन सोशलमीडिया पर अफवाह फैलाने वाले लोगों को चिन्हित करके उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रहा है और इस ज्वंलत मसले आम लोगों को सोशलमीडिया पर अन्य तरीकों से जागरूक करने जैसे कारगर कदम उठा रहा है। कुछ प्रदेशों में तो बच्चा चोरी के अफवाह को लेकर इस कदर दहशत का माहौल बन गया है कि छोटे बच्चों के अभिभावक भी अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। जिस ढंग से हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार व मध्यप्रदेश में बच्चा चोरी करने का शक होते ही लोग उग्र होकर उन्मादी भीडतंत्र में बदल रहे हैं, यह हालात आम शांतिप्रिय जनमानस के साथ-साथ कानून व्यवस्था व उसके रक्षकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। इस मसले पर कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बच्चों के प्रति अपराध, उनकी चोरी या उनकी खरीद-बिक्री या तस्करी में जिस तरह से वृद्धि हुई हैं, उसका फायदा अफवाह फैलाने वाला तंत्र ले रहा है। हालांकि समय-समय पर पुलिस-प्रशासन ने बच्चों के प्रति इस तरह के घिनौने अपराधों को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करके उनको जेल में पहुचाने का कार्य किया है। लेकिन फिर भी लोग झूठी अफवाहों पर बिना कुछ सोचे समझे कानून हाथ में लेने के लिए तैयार है। यह भी मानने वाली बात है कि इन दिनों भी बच्चों के प्रति अपराध की इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा हो यह संभव है, लेकिन क्या केवल बच्चा चोरी की अफवाह सुनकर कानून को हाथ में ले लेना और किसी को भी सजा दे देना कहीं से भी कानूनी रूप से उचित नहीं है। कानूनी जानकारों का मानना है कि देश में इस तरह की अफवाह फैलाने की घटनाओं को रोकने के लिए ना केवल पुलिस व उसके साईबर क्राइम सेल को बहुत अधिक मुस्तैदी दिखानी होगी, बल्कि आम जनमानस को भी जागरूक बनाना होगा। तब ही इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है अन्यथा ऐसी घटनाएं आए दिन सामने आती रहेंगी और निर्दोष लोगों की जानमाल पर खतरा बना रहेगा। अभी हाल की कुछ घटनाओं पर नजर डाले तो उत्तर प्रदेश, बिहार व मध्यप्रदेश में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जो कि झकझोर देने वाली हैं। *बच्चा चोरी गिरोह की अफवाहों की घटनाओं पर एक नजर- :*