(दीपक कुमार त्यागी) ,आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा राजीव गांधी(लेख )

Posted at : 2019-08-20 05:32:48

दीपक कुमार त्यागी, 20 अगस्त 1944 को जन्मे राजीव गाँधी एक ऐसे दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने देशवासियों को 21वीं सदी के आधुनिक भारत के निर्माण का सपना दिखाया और इस सपने को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने अपने प्रधानमंत्री के बहुत छोटे कार्यकाल में ही बहुत तेजी से कार्य करना भी शुरू कर दिया था। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था जिसके चलते उन्होंने हम से राजीव जी को बहुत ही जल्दी छीन लिया था। वो दिन था 21 मई 1991 को जिस दिन अचानक सभी देशवासियों को अंदर तक झकझोर देने वाली खबर प्रसारित हुई की भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या तमिलनाडु के श्रीपेराम्बदूर में एक आत्मघाती विस्फोट हमले में कर दी गयी है। लोगों को झकझोर देने वाली इस दुखद खबर से देश में हर तरफ शोक की लहर दौड़ पड़ी प्रत्येक भारतवासी अवाक रह गया, करोड़ों लोग स्तब्ध रह गये कि ये अचनाक वज्रपात कैसे हो गया। उस समय देश के अधिकतर लोगों की आँखों में आंसू थे, लोगों की आँखों के ये आंसू भारत के महान सपूत अपने लाड़ले नेता के लिए थे ना कि ये आंसू किसी राजनैतिक दल के नेता के लिए थे। ये उस आंसू व्यक्ति के लिए थे जिसे ये लोगों दिलोजान से चहते जो आतंकियों की हमले के चलते असमय काल का ग्रास बन गया था। लोगों की ये पीढ़ा भारतीय राजनीति के उज्जवल भविष्य के चेहरे राजीव गाँधी के लिए थी। वह दिन देश में हर तरफ शोक का गमगीन माहौल लोगों को बार-बार यह एहसास जरूर करवाता था कि आज देश में कोई बहुत बड़ी त्रासदी हुई है। राजीव गाँधी के बाद कई नेताओं का दुनिया व हमारे देश में देहांत हुआ है लेकिन देश को वैसी पीड़ा और कष्ट शायद फिर कभी हो। इस सबके लिए जिम्मेदार था राजीव गाँधी जी का कुशल व्यवहार व देश के आमजनमानस के उज्जवल भविष्य के लिए दिल से सोच कर नीतियों को बनाने वाली उनकी कार्यशैली। इसलिए यह कहना उचित होगा कि कु्छ लोग ताउम्र लोगों के दिलोदिमाग पर छा जाते है। राजीव गाँधी भी एक ऐसी शख़्सियत थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में भारत की ज़मीन पर राज ना करके बल्कि देशवासियों की सेवा करके उनके दिलों पर हुकूमत की थी। भले ही आज वो इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन फिर भी वो करोड़ों लोगों के दिलों में हमेशा ज़िंदा हैं। राजीव गाँधी स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले व्यक्ति थे वो भारत को विश्व की अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करके भारत को विकसित देशों की श्रेणी में लाना चाहते थे। वो अक्सर कहा करते थे कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखते हुए उनका सबसे बड़ा सपना इक्कीसवीं सदी के आधुनिक भारत के निर्माण करने का है।